राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का प्रावधान यूपीए ने किया खत्म: अनुराग ठाकुर
हमीरपुर। सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने शुक्रवार को हमीरपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए-2 सरकार ने प्राकृतिक आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का प्रावधान समाप्त कर दिया था। ऐसे में आज कांग्रेस किस आधार पर हिमाचल की आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग कर रही है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार बार-बार केंद्र पर सहयोग न करने का आरोप लगाती है, जबकि विधानसभा में खुद लिखित रूप से स्वीकार कर चुकी है कि केंद्र ने बीते तीन वर्षों में हिमाचल को आपदा प्रबंधन मदों में हजारों करोड़ रुपये की सहायता दी है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में कांग्रेस सरकार ने आपदा पीड़ितों के लिए 4500 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक केवल 256 करोड़ रुपये ही जारी किए गए। वहीं, केंद्र से इसी दौरान 1087 करोड़ रुपये से अधिक की मदद प्रदेश को मिल चुकी है।
आँकड़ों के साथ कांग्रेस पर निशाना
अनुराग ठाकुर ने बताया कि 31 जुलाई 2025 तक, हिमाचल को विभिन्न आपदा-संबंधी मदों के अंतर्गत केंद्र सरकार से कुल 3,058 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई। इनमें—
एसडीआरएफ में केंद्र का हिस्सा: 1,280.40 करोड़ रुपये
एसडीएमएफ में केंद्र का हिस्सा: 319.95 करोड़ रुपये
एनडीआरएफ से केंद्रीय सहायता: 1,637.84 करोड़ रुपये
इसके अलावा, वर्ष 2025-26 में आपदा-पश्चात आकलन, पुनर्स्थापन और पुनर्निर्माण के लिए राज्य को केंद्र से 451.44 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मदद दी गई है।
मोदी सरकार बनाम यूपीए सरकार
अनुराग ठाकुर ने यूपीए और मोदी सरकार के कार्यकाल की तुलना भी की। उन्होंने बताया कि—
कांग्रेस सरकार के 10 वर्षों (यूपीए काल) में हिमाचल को एसडीआरएफ फंड में 947.40 करोड़ मिले, जबकि मोदी सरकार ने 11 वर्षों में 3,190.39 करोड़ की राशि जारी की।
कांग्रेस सरकार के समय एनडीआरएफ फंड से केवल 553.28 करोड़ रुपये मिले, वहीं मोदी सरकार के कार्यकाल में अब तक 2,684.87 करोड़ रुपये हिमाचल को दिए जा चुके हैं।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह तथ्य साबित करते हैं कि मोदी सरकार ने आपदा के समय हिमाचल का हरसंभव साथ दिया है, जबकि प्रदेश की कांग्रेस सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित रही है।